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फ़ायरवॉल क्या है- Firewall kya hai – इसके प्रकार – What is Firewall in Hindi with Advantages & Disadvantages

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फ़ायरवॉल क्या है- Firewall kya hai – इसके प्रकार- What is Firewall in Hindi with Advantages & Disadvantages

What is Firewall in Hindi- फ़ायरवॉल क्या है – Firewall kya hai : साथियों इस पोस्ट से आप जानेंगे Firewall क्या है  ( What is Firewall in Hindi ?) –  हम सभी अपने जीवन में किसी ना किसी प्रकार का सुरक्षा चक्र प्रयोग करते हैं, जैसे हम अपने मकान , वाहन आदि को सुरक्षित रखते हैं ठीक उसी प्रकार अपने द्वारा किये गए कार्य को भी सुरक्षित रखना चाहते है ,

आज के समय में हम अपना अधिकतर काम Computers में करते है तो यदि हम अपने Computers को सुरक्षित नही रखेंगे तो hackers किसी software की सहायता से हमारे computers में बिना हमारे जाने प्रवेश कर सकता है और हमारे Computers में रखे data , information को चुरा कर उसका गलत प्रयोग कर सकता है या हमारे computers को ख़राब भी कर सकता है इसलिए computers की सुरक्षा बहुत आवश्यक होती है

फ़ायरवॉल क्या है- Firewall kya hai – इसके प्रकार – What is Firewall in Hindi with Advantages & Disadvantages

Firewall क्या होता है – What is Firewall in Hindi

 

Computer को एक सुरक्षा चक्र की आवश्यकता होती है ताकि वो  virus और malware से बचे रहें और उसमे रखा data , information सुरक्षित रहे ,  इसलिए Computer को सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षा चक्र बनाया गया है जिसे हम Firewall के नाम से जानते हैं , Firewell के द्वारा हम सभी प्रकार के Computers और Computers के networks में बाहरी किसी  व्यक्ति या Machine को अनाधिकृत  प्रवेश करने से रोक सकते हैं ।

Firewall हमारे Computer को ऐसे softwares से बचाती है जिन्हें किसी हैकर ने हमारी personal details को चुराने के लिए भेजा होता है , ये software बिना हमारी जानकारी के हमारे Computers के अन्दर आ जाती है और हमारी personal details उस software के द्वारा उस hackers के पास पहुंचा देती है

फ़ायरवॉल क्या है- Firewall kya hai – इसके प्रकार – What is Firewall in Hindi with Advantages & Disadvantages

Firewall के कितने प्रकार का होता है

Types of Firewall in Hindi

फ़ायरवॉल क्या है- Firewall kya hai – इसके प्रकार – What is Firewall in Hindi with Advantages & Disadvantages

Firewall दो प्रकार के होते हैं

Software Firewall और Hardware Firewall

Software Firewall

इस प्नरकार के Firewall हमारे computers के operating system में लगा होता है जैसे  Windows Operating System  के अलग अलग version  Windows 7, 8, 10, Vista, XP इत्यादि में Firewall पहले से ही inbuilt होता हैं और computer में window installation के बाद अपने आप active हो जाता है जब तक कि हम उसे deactivate न कर दे

Computers के control panel में जाकर आप देख सकते हैं कि आपके computer का Firewall active है या नही , इसके साथ ही आज  सभी antivirus जैसे Quick Heal, Avast, McAfee, Norton आदि में भी firewall सक्रिय रहता है ।

जब हम अपने computers में कोई नया software या game install करते हैं तो  software firewall हमे popup messages के द्वारा हमारे से permission मांगता है की क्या हमें ये नया software या game install करना है और जब हम उसे permission  दे देते हैं , तभी window में लगा software firewall उसको install होने देता है अन्यथा Windows firewall नये software या game को install होने से रोक देता है ।

Hardware Firewall

जब computers किसी network में काम करते हैं तो उन सभी computers के बीच data , information का आदान प्रदान router या modem के द्वारा होता है , इसीलिए आजकल Hardware Firewall सभी Routers या modem में पहले से ही लगे होते हैं जो एक computer से दूसरे Computer में virus, malware को जाने से रोकते हैं

जैसे एक 16 computers का कोई network है और पहले computer से दूसरे किसी computer को कोई data , information भेजी जा रही हो तो वहां पर जिस router या modem को प्रयोग किया जा रहा हो , उसमे पहले से ही Firewall को enable कर दिया गया होता है

जब भी computers के द्वारा internet पर कुछ भी काम किया जाता है तो वहां पर firewall Computers को virus और malware से सुरक्षित करके रखता है।

आइये इसे एक उदाहरण से समझते है

जब हमारा computer जब किसी दूसरे computer को कोई data , information भेजता है तो वो data packet के रूप में भेजता है , इस data packet के साथ computer के network की ID भी जुड़ी होती है और जब दूसरा computer उस data packet का reply देता है तो भी data packet के साथ network ID जुड़ी होती है इस प्रकार किसी दूसरे network से कोई data हमारे data packet के साथ नही जुड़ पाता है और यदि कोई दूसरा packet  हमारे data packet के साथ जुड़ने का प्रयास करता है तो hardware firewall उसे बाहर ही रोक देता है.

इसी प्रकार वो virus को फैलने से भी रोकता है

Proxy Server Firewalls

Proxy Server Firewalls सबसे सुरक्षित firewalls होते हैं जो application layer पर संदेशों को filter कर देते है जिससे नेटवर्क के computers और अन्य resources सुरक्षित रहते हैं । इन्हें application level gateways भी कहा जाता है

Proxy firewalls  IP address को mask करके और ट्रैफ़िक को सीमित कर देते हैं।

फ़ायरवॉल क्या है- Firewall kya hai – इसके प्रकार – What is Firewall in Hindi with Advantages & Disadvantages

फ़ायरवॉल क्या है- Firewall kya hai - इसके प्रकार - What is Firewall in Hindi with Advantages & Disadvantages

फायरवॉल का इतिहास – 

History of Firewall in Hindi

firewall यानि कि आग की रोकथाम करने वाली दीवार , firewall तकनीक लगभग 1980 के दशक में सामने आयी. उस समय इन्टरनेट का प्रयोग धीरे धीरे बढ़ने लगा था .

computer network की सुरक्षा के लिए फायरवॉल के आने से पहले राउटर्स का उपयोग किया जाता था. firewall technology के ऊपर पहला समाचार 1988 में प्रकाशित किया गया था . यह इंटरनेट सुरक्षा के विकास की पहली पीढ़ी थी,

उसके बाद दूसरी पीढ़ी के firewall सुरक्षा जिसे Application firewall कहा गया. इस पीढ़ी में computer system और network के लिए जो HTTP प्रोटोकॉल हानिकारक थे उनका पता लगाया जा सकता था

तीसरी पीढ़ी में Stateful Firewall को लॉन्च किया गया जो Firewall से गुजरे सभी नेटवर्क कनेक्शन का रिकॉर्ड रखता था. तथा इन्हें सर्किट लेवल के  फेयरवेल के नाम से जाना जाता है.

आज Firewall लगभग सभी कंप्यूटर में कार्य करता है

फायरवॉल का विकास पीढ़ियों में

Generation of firewall in hindi 

आइये Firewall के विकास को पीढ़ियों में समझे

जैसा कि हमने ऊपर पढ़ा था कि firewall का विकास 3 पीढ़ियों में हुआ था जिसमे पहली पीढ़ी में आये Packet Filter Firewall,

Packet Filter Firewall

ये पहली पीढ़ी के firewall थे, इनका उपयोग outgoing और incoming पैकेटों की निगरानी करने और उन packets को  IP addresses, Protocols और Ports के स्तर पर आगे जाने के लिए या रोकने के लिए किया जाता है।

Packet Filter Firewall छोटे नेटवर्क के लिए तो ठीक है लेकिन बड़े नेटवर्क पर इसे प्रयोग करना बहुत कठिन होता है , इस प्रकार के फायरवॉल सभी प्रकार के attacks को रोक नहीं पाते हैं। ये Application layers  का उपयोग करने वाले attacks को या spoofing attacks को रोक नही पाते हैं,

Packet Filter Firewall को Digital Equipment Corporation (DEC) के इंजीनियरों ने बनाया था .

Statefull Firewall

Statefull Firewall को Stateful Packet Inspection या Dynamic packet filtering भी कहा जाता है, ये एक अच्छा firewall है जिसमे end to end traffic streams की जांच की जाती है। ये firewall पहली पीढ़ी के firewall जैसे ही काम करते हैं लेकिन ये OSI मॉडल की चौथी लेयर अर्थात ट्रांसपोर्ट लेयर तक काम करते हैं. AT&T Bell Laboratories के कुछ सहयोगियों ने मिलकर firewall की इस दूसरी पीढ़ी का विकास 1990 में किया था

Application Layer Firewall 

Application Layer Firewall को तीसरी पीढ़ी के firewall के रूप में जाना जाता है. इस firewall को 1994 – 95 में Marcus Ranum, Gene Spafford और Bill Cheswick ने Develop किया था

ये firewall कुछ application और Protocols  समझ लेता है और अनाधिकृत (unauthorized)  data packet को नेटवर्क में आने से रोक सकता है. यह सबसे अच्छा और उपयोगी firewall है

Next Generation Firewall 

Next Generation Firewall  , Firewall की एक आधुनिक कैटेगरी है पहले से अधिक secure और कम time लेने वाली firewalls है।

यह advanced malware और threats को computer या computer network में आने से रोक देती है । इसमें अनेक तकनीक प्रयोग की जाती है जैसे :-

–> Antivirus Protection 

–> Include Strong OSI Model

–> Encrypted Traffic Inspection

–> Website Filtering

–> Content Filtering

ये अनेकों प्रकार के threat को seconds में check कर लेता है।

Firewall के लाभ (Advantage of Firewall in Hindi)

— > Firewall कंप्यूटर में अन्दर आने वाले तथा बाहर जाने वाले ट्रैफिक की निगरानी करते हैं, आने  सभी  data packet की जांच करते हैं. यदि उनमें किसी भी प्रकार का ऐसा data होता है जो  संदिग्ध या खतरनाक हो , जिससे कंप्यूटर को हानि पहुंच सके तो उसे रोक देते हैं.

— > Firewall हैकर को आपके नेटवर्क तक पहुँचने से रोकते हैं और इस प्रकार कंप्यूटर को हैकर से बचाते हैं

— > Firewall के हमारी devices के Bandwidth को control  कर सकते हैं. हमारे पास Bandwidth लिमिटेड मात्रा में होता है इसलिए Bandwidth को control करना आवश्यक होता है .

— > Firewall Trojan जैसे virus को ब्लॉक कर देते हैं जो हमारी कंप्यूटर फाइलों के साथ चिपक जाते हैं और अपनी copies बनाते रहते है , Trojan बहुत अधिक खतरनाक virus होते हैं क्योंकि इनका बहुत बाद में पता चलता है जब कंप्यूटर में abnormal काम करने लगता है

Firewall से हानि (Disadvantage of Firewall in Hindi)

— > Firewall अच्छी company का न हो तो आपके कंप्यूटर की Overall Performance ख़राब हो सकती है .

— > Software firewall बस उसी कंप्यूटर की सुरक्षा देता है जिसमें वो इनस्टॉल होता है.

— > जब computer network बड़ा हो जाता है तो firewall को Maintain करने के लिए एक या अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ने लगती है.

–>क्योंकि hardware firewall अधिक सुरक्षित होते हैं लेकिन hardware firewall  महंगे भी होते हैं और hardware firewall की सुरक्षा और Maintenance महंगा होता है.

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